Sugarcane : 8-10 फीट का गन्ना ही जबरदस्त वजन देता है यह तजुर्बा हमने किया है

Sugarcane

गन्ने की फसल में किसान अक्सर यह देखते हैं कि लंबा गन्ना देखने में अच्छा लगता है, लेकिन असली फायदा खेत के कुल वजन से मिलता है। केवल ऊंचाई बढ़ जाना ही अधिक उत्पादन की गारंटी नहीं है। गन्ने की लंबाई के साथ मोटाई, प्रति एकड़ उपयोगी गन्नों की संख्या, स्वस्थ पौधे और अच्छी बढ़वार भी बहुत जरूरी हैं।

हमारे खेत के तजुर्बे में 8-10 फीट के स्वस्थ और मजबूत गन्ने ने अच्छा वजन देने में मदद की। हालांकि इसे हर खेत और हर किस्म के लिए तय नियम नहीं माना जा सकता। गन्ने की उपज पर किस्म, मिट्टी, पानी, पोषण, पौधों की संख्या और मौसम जैसे कई कारकों का असर पड़ता है। ICAR के अनुसार गन्ने की उपज का आकलन करते समय गन्ने की ऊंचाई के साथ-साथ मिल योग्य गन्नों की संख्या, एक गन्ने का वजन और तने की मोटाई जैसे गुण भी महत्वपूर्ण होते हैं।

केवल लंबाई नहीं, गन्ने का वजन भी जरूरी है

किसान के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि खेत में खड़े गन्ने की लंबाई के साथ उसका तना मजबूत और पर्याप्त मोटा हो। बहुत लंबा लेकिन पतला गन्ना हमेशा भारी नहीं होगा। दूसरी तरफ अच्छी मोटाई वाला स्वस्थ गन्ना कम लंबाई में भी अच्छा वजन दे सकता है।

ICAR के गन्ना परीक्षण मानकों में भी stalk height यानी गन्ने की ऊंचाई के साथ stalk diameter यानी तने की मोटाई और single cane weight यानी एक गन्ने के वजन को दर्ज किया जाता है। इससे साफ है कि अच्छी फसल का मूल्यांकन केवल ऊंचाई देखकर नहीं किया जाना चाहिए।

8-10 फीट का गन्ना कब अच्छा माना जा सकता है?

8 से 10 फीट की लंबाई कई खेतों में अच्छी बढ़वार का संकेत हो सकती है, लेकिन यह कोई सार्वभौमिक लक्ष्य नहीं है। अलग-अलग गन्ने की किस्मों और क्षेत्रों में पौधे की सामान्य ऊंचाई अलग हो सकती है।

अगर गन्ना 8-10 फीट का है और साथ में तना मोटा, स्वस्थ और मजबूत है, तो ऐसे गन्ने से अच्छा वजन मिलने की संभावना बढ़ सकती है। लेकिन केवल फीट में लंबाई देखकर उत्पादन का अनुमान लगाना सही तरीका नहीं है।

गन्ने की स्थितिक्या समझें
लंबा और मोटाअच्छी फसल का संकेत हो सकता है
लंबा लेकिन पतलाकेवल ऊंचाई से अधिक वजन की गारंटी नहीं
मध्यम लंबाई और मोटाअच्छा एकल गन्ना वजन दे सकता है
छोटा और पतलाबढ़वार या पोषण में समस्या हो सकती है

गन्ने की मोटाई बढ़ाने पर दें ध्यान

गन्ने की अच्छी मोटाई के लिए फसल को शुरू से ही सही प्रबंधन की जरूरत होती है। पौधे की बढ़वार के दौरान पानी, पोषक तत्व और खेत की स्थिति का संतुलन बनाए रखना जरूरी है।

अधिक या कम पानी दोनों ही समस्या पैदा कर सकते हैं। खेत में लंबे समय तक पानी जमा रहने से जड़ों पर बुरा असर पड़ सकता है। इसी तरह लंबे समय तक नमी की कमी होने पर पौधे की बढ़वार रुक सकती है।

पोषक तत्वों का इस्तेमाल भी मिट्टी की जरूरत और स्थानीय कृषि सलाह के अनुसार करना चाहिए। बिना मिट्टी की स्थिति जाने केवल ज्यादा खाद डालना गन्ने को ज्यादा मोटा करने का भरोसेमंद तरीका नहीं है।

भारी वजन के लिए खेत में इन बातों पर नजर रखें

अच्छा गन्ना तैयार करने के लिए किसान को केवल ऊंचाई पर ध्यान नहीं देना चाहिए। पूरे खेत की फसल को देखकर फैसला करना बेहतर होता है।

  • गन्ने की संख्या और मिल योग्य गन्नों की संख्या अच्छी हो।
  • तने की मोटाई और मजबूती पर ध्यान दें।
  • खेत में पानी की कमी या लंबे समय का जलभराव न होने दें।
  • रोग और कीट दिखाई देने पर समय पर पहचान और नियंत्रण करें।

ICAR के अनुसार समय पर रोपाई, बेहतर प्रबंधन और उपयुक्त तकनीक अपनाने से गन्ने की उपज में सुधार हो सकता है। ICAR-IISR के कुछ कार्यक्रमों में ट्रेंच विधि और बेहतर रोपण तकनीकों से उपज में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है।

ज्यादा लंबा गन्ना हमेशा ज्यादा वजन देगा?

ऐसा जरूरी नहीं है। मान लीजिए एक गन्ना 10 फीट लंबा है लेकिन उसका तना बहुत पतला है। दूसरी ओर दूसरा गन्ना 8 फीट का है लेकिन उसका तना मोटा और अच्छी तरह भरा हुआ है। ऐसी स्थिति में छोटे गन्ने का वजन बराबर या उससे अधिक भी हो सकता है।

इसीलिए किसान को खेत में केवल सबसे लंबे गन्ने को देखकर पूरी फसल की गुणवत्ता तय नहीं करनी चाहिए। बेहतर तरीका यह है कि कुछ गन्नों को काटकर उनका वास्तविक वजन, मोटाई और गुणवत्ता देखी जाए।

किस्म का भी बहुत बड़ा असर होता है

गन्ने की लंबाई और मोटाई पर किस्म का सीधा प्रभाव पड़ता है। अलग-अलग किस्मों की बढ़वार, पकने का समय, रोग प्रतिरोध और उपज क्षमता अलग होती है।

उदाहरण के लिए ICAR ने Co 0238 को उत्तर-पश्चिम क्षेत्र के लिए उच्च उपज और बेहतर चीनी गुणवत्ता वाली किस्म के रूप में दर्ज किया था। इसके परीक्षणों में 81 टन प्रति हेक्टेयर गन्ना उपज दर्ज हुई थी। इसका मतलब यह नहीं है कि हर किसान को इतनी ही उपज मिलेगी, क्योंकि खेत की मिट्टी, मौसम और प्रबंधन के अनुसार परिणाम बदलते हैं।

वजन बढ़ाने के लिए किसान क्या गलती न करें?

गन्ने को जल्दी लंबा करने के चक्कर में बिना जरूरत ज्यादा नाइट्रोजन या अन्य खाद डालना सही तरीका नहीं है। इसी तरह पानी का गलत प्रबंधन भी फसल को नुकसान पहुंचा सकता है।

किसान को पहले यह देखना चाहिए कि फसल में किसी रोग, कीट, पोषक तत्व की कमी या पानी की समस्या तो नहीं है। इसके बाद स्थानीय कृषि विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार प्रबंधन करना ज्यादा सुरक्षित और प्रभावी रहता है।

असली लक्ष्य खेत का कुल उत्पादन होना चाहिए

गन्ने की खेती में किसान के लिए सबसे महत्वपूर्ण आंकड़ा खेत से मिलने वाला कुल मिल योग्य गन्ना है। इसके लिए प्रति खेत केवल ऊंचे गन्ने नहीं, बल्कि स्वस्थ और वजनदार गन्नों की अच्छी संख्या जरूरी होती है।

एक अच्छे खेत में समान बढ़वार, उचित पौध संख्या, मजबूत तने और स्वस्थ पत्तियां दिखाई देती हैं। अगर इन सभी चीजों का संतुलन बना हुआ है, तो फसल के अच्छे उत्पादन की संभावना बढ़ती है।

8-10 फीट का स्वस्थ और मोटा गन्ना निश्चित रूप से देखने में अच्छी फसल का संकेत हो सकता है और हमारे तजुर्बे में ऐसे गन्ने ने अच्छा वजन दिया है। लेकिन हर खेत में केवल 8-10 फीट की ऊंचाई को ही ज्यादा उत्पादन का नियम मानना सही नहीं होगा।

गन्ने का असली वजन उसकी लंबाई के साथ मोटाई, एक गन्ने के वजन, मिल योग्य गन्नों की संख्या, किस्म, पानी, पोषण और खेत के पूरे प्रबंधन पर निर्भर करता है। इसलिए किसान भाई केवल गन्ने की ऊंचाई बढ़ाने पर ध्यान देने के बजाय मजबूत, मोटा, स्वस्थ और अच्छी संख्या वाला गन्ना तैयार करने पर ध्यान दें। यही बेहतर उत्पादन की ज्यादा मजबूत बुनियाद है।

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